- 1. क्या है नया नियम और सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
- 2. STET और CTET के बीच का मुख्य अंतर (Detailed Comparison)
- 3. BPSC TRE 4.0 पर इस नियम का सीधा असर और नई योग्यता
- 4. BPSC TRE 4.0 के लिए 1.35 लाख पदों का अनुमानित विवरण
- 5. BPSC TRE 4.0 और CTET के लिए मास्टर तैयारी रणनीति (Master Preparation Strategy)
- 7. निष्कर्ष (Conclusion)
Bihar STET Latest News 2026: बिहार में शिक्षक (Teacher) बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए शिक्षा विभाग ने एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। हाल ही में हुए बदलावों के अनुसार, बिहार सरकार ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि अब राज्य में कक्षा 1 से 8 (प्राइमरी और मिडिल स्कूल) तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए Bihar STET (State Teacher Eligibility Test) का आयोजन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, अब पूरे राज्य में CTET (Central Teacher Eligibility Test) को ही पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है।
इस नए नियम का सीधा और सबसे बड़ा असर आगामी BPSC TRE 4.0 (Bihar Teacher Recruitment Exam Phase 4) पर पड़ेगा, जिसमें लगभग 1.35 लाख पदों पर बंपर बहाली होने की प्रबल संभावना है। latestjob.news की इस विशेष और विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको इस नए नियम के हर एक पहलू, BPSC TRE 4.0 पर इसके प्रभाव, नई योग्यता (Eligibility Criteria), और आपकी तैयारी की सटीक रणनीति के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप अपनी सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) पक्की कर सकें।
🔥 ब्रेकिंग अपडेट (फरवरी 2026)
बिहार शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कक्षा 1 से 8 तक के लिए राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा (STET) को समाप्त कर दिया है। अब BPSC TRE 4.0 में कक्षा 1 से 5 और 6 से 8 के लिए केवल CTET पास अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे। कक्षा 9 से 12 के लिए पूर्व की भांति Bihar STET मान्य रहेगा।
1. क्या है नया नियम और सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
पिछले कुछ वर्षों से बिहार में STET परीक्षा के आयोजन को लेकर छात्रों के बीच काफी असमंजस और निराशा की स्थिति थी। खासकर कक्षा 1 से 5 (Primary) और कक्षा 6 से 8 (Middle School) के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा का नियमित आयोजन नहीं हो पा रहा था। इससे न केवल शिक्षक भर्तियां प्रभावित हो रही थीं, बल्कि लाखों युवा ओवरएज (Over-age) होने के डर से परेशान थे।
इस समस्या को जड़ से खत्म करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के उच्च मानकों को बिहार के स्कूलों में लागू करने के लिए, शिक्षा विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है:
- प्राथमिक और मध्य विद्यालय (Class 1-8): अब बिहार सरकार अलग से कोई STET आयोजित नहीं करेगी। इन कक्षाओं के लिए केवल CBSE द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित CTET (Paper 1 & Paper 2) ही मान्य होगा।
- माध्यमिक और उच्च माध्यमिक (Class 9-12): कक्षा 9 से 12 के लिए BSEB (बिहार विद्यालय परीक्षा समिति) द्वारा Bihar STET Paper 1 और Paper 2 का आयोजन पूर्व की भांति जारी रहेगा।
2. STET और CTET के बीच का मुख्य अंतर (Detailed Comparison)
छात्रों के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि पहले की STET व्यवस्था और वर्तमान CTET व्यवस्था में क्या मूलभूत अंतर हैं। नीचे दी गई टेबल के माध्यम से आप इसे स्पष्ट रूप से समझ सकते हैं:
| महत्वपूर्ण बिंदु (Parameters) | पहले की व्यवस्था (Bihar STET) | नई व्यवस्था (CTET अनिवार्य) |
|---|---|---|
| परीक्षा आयोजक (Conducting Body) | BSEB (बिहार विद्यालय परीक्षा समिति) | CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) |
| कक्षा 1 से 8 की पात्रता | राज्य सरकार के नोटिफिकेशन का इंतजार | CTET Paper 1 & 2 पास होना अनिवार्य |
| परीक्षा की आवृत्ति (Frequency) | अनियमित (कई सालों में एक बार) | नियमित (साल में 2 बार – जुलाई और दिसंबर) |
| पाठ्यक्रम का स्तर (Syllabus Standard) | SCERT / राज्य स्तरीय पाठ्यक्रम | NCERT आधारित राष्ट्रीय स्तर का पाठ्यक्रम |
| प्रमाण पत्र की वैधता (Validity) | आजीवन (हालिया संशोधनों के बाद) | आजीवन (Lifetime Validity) |
3. BPSC TRE 4.0 पर इस नियम का सीधा असर और नई योग्यता
BPSC TRE 4.0 Vacancy 2026 का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह खबर किसी भूकंप से कम नहीं है। जो अभ्यर्थी यह सोचकर बैठे थे कि BPSC की भर्ती से पहले सरकार STET का आयोजन करेगी, उन्हें अब अपनी रणनीति तुरंत बदलनी होगी।
A. कक्षावार नई शैक्षणिक योग्यता (New Eligibility Criteria)
आगामी शिक्षक भर्ती में आवेदन करने के लिए आपकी योग्यता निम्नलिखित होनी चाहिए:
- PRT (Class 1-5): 12वीं पास (न्यूनतम 50% अंकों के साथ) + D.El.Ed (2 वर्षीय डिप्लोमा) + CTET Paper 1 उत्तीर्ण।
- Middle School (Class 6-8): संबंधित विषय में ग्रेजुएशन + B.Ed या D.El.Ed + CTET Paper 2 उत्तीर्ण।
- TGT (Class 9-10): संबंधित विषय में ग्रेजुएशन + B.Ed + Bihar STET Paper 1 उत्तीर्ण।
- PGT (Class 11-12): संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन (Master’s) + B.Ed + Bihar STET Paper 2 उत्तीर्ण।
4. BPSC TRE 4.0 के लिए 1.35 लाख पदों का अनुमानित विवरण
बिहार सरकार ने वर्ष 2026 में बंपर रोजगार देने का वादा किया है। शिक्षा विभाग में लगभग 1.35 लाख नए पदों का सृजन किया जा रहा है। यहाँ पदों का एक अनुमानित ब्रेकअप (Department-wise Breakup) दिया गया है, जो आपको यह समझने में मदद करेगा कि किस वर्ग में सबसे ज्यादा मौके हैं:
| शिक्षक वर्ग (Teacher Category) | कक्षा (Class Level) | अनुमानित रिक्तियां (Expected Posts) |
|---|---|---|
| Primary Teachers (PRT) | कक्षा 1 से 5 | 45,000+ |
| Middle School Teachers | कक्षा 6 से 8 | 35,000+ |
| Secondary Teachers (TGT) | कक्षा 9 से 10 | 30,000+ |
| Senior Secondary (PGT) | कक्षा 11 से 12 | 25,000+ |
(नोट: यह डाटा नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले TRE चरणों के रोस्टर के आधार पर एक अनुमान है। आधिकारिक BPSC TRE 4.0 नोटिफिकेशन जारी होने पर अंतिम आंकड़े स्पष्ट होंगे।)
5. BPSC TRE 4.0 और CTET के लिए मास्टर तैयारी रणनीति (Master Preparation Strategy)
चूंकि अब STET की जगह CTET ने ले ली है, और CTET पास किए बिना आप BPSC TRE 4.0 का फॉर्म नहीं भर सकते, इसलिए आपकी तैयारी का तरीका पूरी तरह से बदल जाना चाहिए। जो छात्र पहली बार CTET देने जा रहे हैं या BPSC की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यहाँ सबसे सटीक रणनीति दी गई है:
A. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy – CDP) की गहराई
CTET परीक्षा का हृदय ‘Pedagogy’ है। बिना इसके आप CTET और BPSC TRE का मनोवैज्ञानिक हिस्सा क्रैक नहीं कर सकते। आपको इन प्रमुख मनोवैज्ञानिकों (Psychologists) के सिद्धांतों को रटने के बजाय उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग (Practical Application) को समझना होगा:
- Jean Piaget (जीन पियाजे): संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत (Cognitive Development)। यह समझना कि बच्चा विभिन्न अवस्थाओं (Sensorimotor to Formal Operational) में कैसे सीखता है।
- Lev Vygotsky (लेव वायगोत्स्की): सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) और ZPD (Zone of Proximal Development) तथा Scaffolding का कक्षा में प्रयोग।
- Lawrence Kohlberg (लॉरेंस कोहलबर्ग): नैतिक विकास के चरण (Moral Development)।
- Noam Chomsky (नोम चोम्स्की): भाषा विकास (Language Acquisition Device – LAD)। भाषा शिक्षकों के लिए यह सिद्धांत अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- B.F. Skinner & Pavlov: व्यवहारवाद (Behaviorism), ऑपरेंट कंडीशनिंग और क्लासिकल कंडीशनिंग।
- Albert Bandura (अल्बर्ट बंडूरा): सामाजिक अधिगम सिद्धांत (Social Learning Theory) – बच्चे अवलोकन (Observation) से कैसे सीखते हैं।
- E.L. Thorndike (थार्नडाइक): प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत (Trial and Error)।
B. भाषा शिक्षकों के लिए विशेष टिप्स (Language Teachers – Hindi & Regional)
बिहार में हिंदी (Hindi) और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षकों की हमेशा भारी मांग रहती है। यदि आप BPSC TRE 4.0 में भाषा शिक्षक (Language Teacher) बनना चाहते हैं, तो आपको CTET में अपनी मुख्य भाषा का चयन बहुत बुद्धिमानी से करना होगा।
हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar) पर मजबूत पकड़: केवल सामान्य हिंदी काम नहीं आएगी। आपको साहित्य और गहरे व्याकरण का ज्ञान होना चाहिए। विशेष रूप से ‘रस’ (Ras), ‘अलंकार’, ‘छंद’, ‘समास’, और ‘संधि’ के कॉन्सेप्ट एकदम स्पष्ट होने चाहिए। श्रृंगार रस, वीर रस, करुण रस आदि के स्थायी भाव और उनके उदाहरणों से BPSC अक्सर घुमावदार प्रश्न पूछता है। इसके साथ ही हिंदी भाषा शिक्षण शास्त्र (Hindi Pedagogy) पर भी फोकस करें।
C. NCERT पुस्तकों का लाइन-बाय-लाइन अध्ययन
चाहे वह CTET Paper 2 हो या BPSC TRE 4.0, सफलता की एकमात्र कुंजी NCERT और SCERT (Bihar Board) की किताबें हैं। कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए कक्षा 6 से 10 तक की विज्ञान, गणित, या सामाजिक विज्ञान (SST) की किताबों को गहराई से पढ़ना अनिवार्य है।
6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions – FAQs)
उत्तर: नहीं, पूरी तरह से नहीं। STET केवल कक्षा 1 से 8 (प्राइमरी और मिडिल) के लिए खत्म किया गया है। हाई स्कूल और प्लस टू (कक्षा 9 से 12) के लिए BSEB द्वारा Bihar STET पहले की तरह ही आयोजित किया जाएगा।
उत्तर: कक्षा 6 से 8 का शिक्षक बनने के लिए आपको CBSE द्वारा आयोजित CTET Paper-2 (Maths/Science या Social Science में से कोई एक) पास करना अनिवार्य होगा।
उत्तर: शिक्षा विभाग की तेज तैयारियों और बजट सत्र की घोषणाओं को देखते हुए, उम्मीद है कि 2026 के मध्य (मई-जून) तक इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा और अगस्त तक परीक्षाएं आयोजित हो सकती हैं।
उत्तर: हाँ, बिल्कुल। भारत का कोई भी नागरिक जो तय शैक्षणिक योग्यता और CTET पास है, वह BPSC शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन कर सकता है। उन्हें सामान्य (General) श्रेणी में रखा जाएगा। आरक्षण का लाभ केवल बिहार के स्थायी निवासियों को ही मिलेगा।

7. निष्कर्ष (Conclusion)
बिहार सरकार द्वारा STET को हटाकर CTET को अनिवार्य करने का फैसला दीर्घकालिक रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए एक बेहतरीन कदम है। इससे न केवल छात्रों के समय की बचत होगी (क्योंकि CTET साल में दो बार होता है), बल्कि भर्ती प्रक्रिया में आने वाली कानूनी अड़चनें भी कम होंगी।
आगामी BPSC TRE 4.0 के 1.35 लाख पदों के लिए प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी होने वाली है। इसलिए, बिना नोटिफिकेशन का इंतजार किए, आज ही से अपनी NCERT किताबों और Pedagogy के नोट्स के साथ तैयारी शुरू कर दें।
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